सिक्के की कहानी
16 अगस्त 1960 को, 80 से अधिक वर्षों के ब्रिटिश प्रशासन के बाद, साइप्रस एक स्वतंत्र गणराज्य बना। उसने 1955 में अपनाया गया, 1,000 मिल में बँटा साइप्रस पाउंड बनाए रखा। उसके अपने सिक्के 1963 में आए: उन पर नए राज्य का कुलचिह्न और देश का नाम उसकी दोनों आधिकारिक भाषाओं, यूनानी और तुर्की, में है। 50 मिल के सिक्के के पृष्ठ भाग पर अंगूर का एक गुच्छा है, जो प्राचीन काल से द्वीप पर उगाई जाने वाली बेल की याद दिलाता है। अंगूर की दो किस्में साइप्रस की अपनी हैं: काले अंगूर वाली मावरो और सफ़ेद अंगूर वाली क्सिनिस्तेरी। दोनों ओर विलियम मेविंग गार्डनर ने उकेरे। 1963 में रॉयल मिंट ने 2,800,000 सिक्के ढाले, साथ ही 25,000 प्रूफ़, और यह सिक्का 1982 तक ढाला जाता रहा।
सदस्यों की बात
इस भाषा में अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहले बनें!
मंडल के सदस्य हर सिक्के पर अपनी भाषा में टिप्पणी कर सकते हैं।
मंडल से जुड़ें